मथुरा। जेई प्रदीप कुमार की हत्या का बुधवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया, लेकिन इस खुलासे से जेई का परिवार असहमत है।
बुधवार को मथुरा पहुंचे जेई के छोटे भाई जितेंद्र ने कहा कि जब कुछ लूटा ही नहीं गया तो हत्या लूट के इरादे से कैसे हो सकती है। जितेंद्र ने कहा कि जब आगरा के बिजलीघर में लूट हुई थी तो जेई प्रदीप कुमार मौके पर थे उन्होंने जरा भी विरोध नहीं किया और कैश से भरा बैग बदमाशों को दे दिया था। इस मामले में प्रदीप कुमार मुख्य गवाह भी थे।
यदि 16 जनवरी को बदमाश लूट के इरादे से आते तो बिना विरोध किए ही प्रदीप उन्हें सामान दे देते। जितेंद्र ने कहा कि यह मामला हत्या का है और पुलिस इसे लूट के इरादे से हत्या साबित करना चाहती है। जितेंद्र के साथ आए उनके मामा ओपी राजपूत ने कहा कि उन्हें खुलासे पर शंका है। हम जांच कराएंगे कि जो असलाह बरामद दिखाया जा रहा है उससे गोली चली थी कि नहीं। जो गोली प्रदीप कुमार को लगी हैं वो उसी तमंचे की हैं या नहीं।
हत्या के खुलासे की होगी समीक्षा, कार्य बहिष्कार जारी रहेगा
जेई हत्याकांड के खुलासे पर बिजली अधिकारी सवाल नहीं उठा रहे, लेकिन इसकी समीक्षा की बात कह रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जेई प्रदीप कुमार के परिवार को आर्थिक सहायता देने समेत कई मांगें हैं, जिन पर अभी तक विचार नहीं किया गया है। इसलिए बिजली विभाग का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
अभियंता संघ के शाखा सचिव एवं एसडीओ औरंगाबाद सचिन द्विवेदी का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई पर सवाल नहीं उठा रहे हैं, लेकिन इस खुलासे की समीक्षा की जाएगी और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। विद्युत मजदूर संगठन के प्रदेश महामंत्री मोहन बाबू आर्य ने कहा कि पुलिस ने जो खुलासा किया है वह उचित ही होगा, लेकिन कर्मचारियों की मुख्य मांग जेई प्रदीप कुमार के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देना है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
खुलासे पर उठ रहे सवाल
- जब सामान लूटा ही नहीं गया तो लूट का इरादा कैसे।
- गोली मारने की दूरी मात्र दो से तीन फीट तो सामान क्यों नहीं लूट सके बदमाश।
- लैपटॉप का बैग आसानी से ले जा सकते थे बदमाश।
- बदमाशों ने दो गोली मारने की जरूरत क्यों समझी।
- बदमाशों के मोबाइल बंद थे तो सीडीआर भी नहीं मिलेगी।