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संरक्षित धरोहर में शामिल होंगे रंगजी और द्वारिकाधीश के बगीचे

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वृंदावन स्थित मंदिर श्रीद्वारिकाधीश का बगीचा। - फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। ब्रज की प्राचीन धरोहर में शामिल वृंदावन स्थित प्रख्यात मंदिर रंगजी और मंदिर द्वारिकाधीश के बगीचों को संरक्षित कराने की पहल सांसद हेमामालिनी ने की है। ब्रज के दो प्रमुख मंदिरों के दो बगीचों को हेरिटेज का हिस्सा बनाने के लिए उन्होंने राज्य सरकार के प्रमुख सचिव पर्यटन को पत्र भेजा है। साथ ही सिफारिश की है कि दोनों प्रमुख मंदिरों की सहमति लेते हुए इनके संरक्षण की परियोजना पर काम किया जाए।
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वृंदावन स्थित रंगजी मंदिर उत्तर भारत के विशाल मंदिरों की श्रेणी में शामिल है। बड़ी संख्या में लोग श्रीरंगजी के दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे ही मथुरा स्थित श्रीद्वारिकाधीश मंदिर भी प्रख्यात है। इन दोनों ही मंदिरों से बगीचे जुड़े हुए हैं, लेकिन वृंदावन स्थित रंगजी का बगीचा और द्वारिकाधीश का बगीचा काफी प्राचीन हैं। इनका निर्माण अधिकतर लाल पत्थरों से हुआ है। हालांकि वर्तमान में यहां पौधों की दृष्टि से बगीचा कम नजर आते हैं। सिर्फ पुरातत्व महत्व का भवन ही दिखाई देते हैं।
सांसद हेमामालिनी ने इनके महत्व को दर्शाते हुए हेरिटेज की दृष्टि से इनके संरक्षण की आवश्यकता जताई है। राज्य सरकार के प्रमुख सचिव पर्यटन को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि इन दोनों ही स्थलों को संरक्षित करने की आवश्यकता है। इसके लिए इन्हें राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए। साथ ही यहां विकास की योजनाएं इनके स्वामियों की सहमतिनुसार अमल में लाई जाएं।
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कोट
यह दोनों प्राचीन स्थल हैं। यहां प्राचीन बावड़ी और कुएं हैं। यमुना से पानी के लाने का रास्ता भी बना हुआ है। मंदिरों की सहमति के आधार पर इन्हें संरक्षित किया जा सकता है। इसकी पहल सांसद हेमामालिनी ने शासन से की है।
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- जनार्दन शर्मा, सांसद प्रतिनिधि
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