मथुरा/टाउनशिप। हत्या और आत्महत्या में उलझी पुलिस सराफा कारोबारी की मौत का राज खोलने के लिए कोइला घाट पर पहुंची। यहां सीओ सदर ने उस स्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद कुछ नाविकों से भी पूछताछ की। पुलिस को शक है कि पानीगांव पुल से गिरने के बाद शव इतनी जल्दी कोइला घाट तक नहीं पहुंच सकता। बावजूद इसके पुलिस गोकुल के घाट पर भी जानकारी करने पहुंची है।
१२ अक्तूबर को वृंदावन के सराफा कारोबारी अतुल अग्रवाल बाइक लेकर मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। उसी दिन उनका शव पांच बजे रिफाइनरी के कोइला घाट पर मिला था, जबकि बाइक उनकी खड़ी हुई वृंदावन के चामुंडा मंदिर के पास मिली थी। हालांकि पुलिस प्रथमदृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मानकर चल रही है। फिर भी बृहस्पतिवार को सीओ सदर राममोहन शर्मा कोइला घाट पर पहुंचे।
यहां पर सीओ सदर ने शव मिलने पर स्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए आठ नाविकों से जानकारी भी जुटाई। पुलिस को अंदेशा है कि पानीगांव पुल से सुसाइड के लिए कूदने के बाद इतनी जल्दी शव कोइला घाट तक नहीं पहुंच सकता। १२ घंटे में शव का मिलना भी पुलिस के गुत्थी को उलझा रहा है। पुलिस इस हत्या या आत्महत्या का सुलझाने में पूरी शिद्दत से जुट गई।
सीओ सदर कोइला घाट के बाद गोकुल के घाट पर भी पहुंचे। यहां पर सीओ सदर ने पूछताछ की है। पुलिस यह मानकर चल रही है कि अगर सुसाइड भी किया गया होगा तो कहीं यहां से कूदकर तो नहीं किया गया। सीओ सदर ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला सुसाइड का भी हो सकता है। बावजूद हकीकत से पर्दा हटाने के लिए पूरी जांच की जा रही है।