मथुरा। शेरगढ़ थाना क्षेत्र के पैगांव में शुक्रवार को भरी पंचायत में गोरक्षक दल के जिलाध्यक्ष अमोल उर्फ अनमोल पहलवान की गोलियों से भूनकर हत्या के बाद रंजिश की खाई और गहरा गई है। पुलिस इस रंजिश की आग को ठंडा करने में जुटी है। पुलिस के ऊपर इस रंजिश में अब और हत्याएं होने देने का दवाब है। इससे ज्यादा फरार आरोपियों को जल्द से गिरफ्तार कर जेल भेजने का है। ताकि वह सुरक्षित हो सकें।
अमोल पहलवान की हत्या के बाद उनके पक्ष के लोगों में रोष इस कदर है कि वह पुलिस के सामने ही साफ तौर पर कह चुके हैं कि उन्हें मुकदमा नहीं दर्ज कराना। वह खुद ही इसका बदला ले लेंगे। पुलिस अब इस पक्ष को समझाने में लगी है कि वह कानून और न्यायपालिका में विश्वास रखें। किसी भी प्रकार का कोई ऐसा कृत्य गुस्से में आकर न करें, जिससे की उनका जीवन सलाखों के पीछे बीते।
दरअसल, इस रंजिश की नींव 2021 में हुए प्रधानी के चुनाव के दौरान पड़ी थी। रामवीर और अमोल पहलवान एक-दूसरे के विपक्ष में खड़े थे। रामवीर की जीत हो गई थी। इसके बाद 20 करोड़ रुपये की ग्रांट ग्राम पंचायत के विकास को स्वीकृत हुई थी। जनवरी 2021 में रामवीर प्रधान की कोसी के कोकिलावन मार्ग पर सिर में चार गोली मारकर सनसनीखेज हत्या हुई थी। इस हत्या का आरोप अमोल पहलवान पर भाड़े के शूटरों द्वारा कराने का आरोप था।
रामवीर प्रधान के बेटे कृष्ण कुमार और अरुण ने पिता की हत्या के बदले में अमोल की हत्या शुक्रवार को भरी पंचायत में गोलियों से भूनकर कर दी थी। उन्होंने पुलिस पूछताछ में इसे स्वीकार भी कर लिया है। सीओ छाता आशीष शर्मा ने बताया कि रामबाबू पंडित, सत्यवीर, अरुण, भरतो उर्फ भरत, कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अब इस मामले में प्रधान पप्पी देवी, प्रदीप और जग्गा फरार हैं। इनकी तलाश जारी है। जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। वहीं, गांव में भी अब शांति है। दोनों पक्षों के लोगों को समझाया जा रहा है कि आगे इस रंजिश में अब और कोई वारदात नहीं होनी चाहिए।