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पीएम का मथुरा दौरा: कान्हा की धरा से 2024 की पटकथा हो रही तैयार, कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा हो सकता केंद्र बिंदु

Wed, 22 Nov 2023 01:52 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

23 नवंबर को पीएम मोदी का मथुरा दौरा संभावित है। माना जा रहा है कि कान्हा की धरा से 2024 की पटकथा तैयार हो रही है। इस बार कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा केंद्र बिंदु हो सकता है। 
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पीएम का मथुरा दौरा: कान्हा की धरा से 2024 की पटकथा हो रही तैयार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। इसी बीच पीएम मोदी बृहस्पतिवार को मथुरा आ रहे हैं। संभावित कार्यक्रम के अनुसार, पीएम श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जा सकते हैं। अगर वे वहां गए तो मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे जो जन्म स्थान पहुंचेंगे। यह हिंदुत्व के एजेंडे पर चलने वाली भाजपा की ओर से साफ संदेश होगा कि लोकसभा चुनाव के केंद्र में कहीं न कहीं जन्मभूमि का एजेंडा भी रहेगा।

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दरअसल, श्रीकृष्ण की धरा पर भाजपा व सपा की ओर राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गईं हैं। ये गतिविधियां यही संकेत दे रहीं हैं कि कहीं न कहीं कान्हा की धरा को ध्यान में रखकर ही लोकसभा चुनाव की पटकथा तैयार की जा रही है। इसमें श्रीकृष्ण जन्मस्थान का मामला भी चुनाव में उठ सकता है। वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव खुद को श्रीकृष्ण का वंशज बताते हैं।

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भाजपा श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर मुखर है और हिंदुत्व कार्ड खेलने की तैयारी में है। वहीं सपा ने मुस्लिम मतदाताओं को देखते हुए इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी साध रखी है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने पिछले दिनों वृंदावन में कार्यकर्ता सम्मेलन कर संदेश दिया था कि वह श्रीकृष्ण के भक्त हैं। 

इधर, मुख्यमंत्री योगी की समय-समय पर मथुरा की दौड़ भी यह साफ संदेश देती है कि वह मथुरा को चुनावी एजेंडे में रखे हुए हैं। 23 नवंबर को यहां प्रधानमंत्री मोदी आ रहे हैं। इसके बाद 28 नवंबर को फरह में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आएंगे। 
बीते सप्ताह महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे। उन्होंने जन्मभूमि-ईदगाह विवाद की जानकारी प्रबंधन समिति से ली। दायर सभी केसों की स्थिति और उनके समर्थन में तथ्यों, तर्कों और साक्ष्यों की जानकारी ली थी।

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इन हलचलों से राजनीति से जुड़े लोगों का मानना है कि लोकसभा चुनाव में श्रीकृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह कमेटी विवाद खासा महत्वपूर्ण होने जा रहा है। इसके पीछे उनका मानना है कि भाजपा के पास 2019 के चुनाव में राम मंदिर का मुद्दा था। जनता इस मुद्दे पर भाजपा के साथ जुड़ी, वो मुद्दा सुलझने के बाद अब भाजपा की निगाह श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर है। 

भाजपा अभी से यह नारा भी देने लगी है कि जो राम को लाएं हैं, वह श्रीकृष्ण को भी लाएंगे। इधर, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव खुद को श्रीकृष्ण का वंशज बताते हुए यादव वोटों सहित हिंदुत्व के सॉफ्ट एजेंडे पर काम कर रहे हैं। हालांकि सपा ने मुस्लिम मतदाताओं को साधने के लिए जन्मभूमि विवाद पर चुप्पी साध रखी है। 

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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह बताते हैं कि राजनीतिक हलचल इस ओर साफ इशारा कर रही है कि 2024 चुनाव जन्मभूमि-ईदगाह प्रकरण के ईद-गिर्द रहेगा। सरकार को चाहिए कि वह इस मामले की प्रतिदिन सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में पैरवी भी करे। जिससे विवाद का निपटारा जल्द हो।

विरोध के स्वरों को थामने के लिए मोदी मैजिक की जरूरत

भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों से लेकर कार्यकर्ताओं में इस वक्त नाराजगी है। जिले के एक बड़े जनप्रतिनिधि के प्रति यह नाराजगी लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सिर उठाने लगी है। विरोध के स्वरों की बयार तेजी से बह रही है। 23 नवंबर को मथुरा दौरे के दौरान विरोध के स्वरों को थामने के लिए पीएम मोदी के मैजिक की जरूरत है।
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