खिलाड़ी अपने साथियों के साथ ट्रेन से मध्य प्रदेश में क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने जा रहा था। रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ गई। साथियों ने रेलवे कंट्रोल रूम में फोन किया, लेकिन समय से इलाज नहीं मिल सका।
मथुरा में नेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलने जा रहे खिलाड़ी की तबीयत बिगड़ने से ट्रेन में माैत हो गई। साथियों ने आरोप लगाया कि रेलवे कंट्रोल रूम में सूचना देने के बाद भी साढ़े तीन घंटे तक इलाज नहीं मिल सका। जिससे माैत हो गई।
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खिलाड़ी पवन, राजा, निर्मल और प्रवीन ने बताया कि वह पंजाब से मध्यप्रदेश में पांच जून को आयोजित नेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलने के लिए जा रहे थे। उनके साथ पंजाब टीम से 11 खिलाड़ी शामिल थे। पवन ने बताया कि वह अपने पांच साथियों के साथ बुधवार सुबह साढ़े चार बजे छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में निजामुद्दीन स्टेशन से दिव्यांग कोच में बैठे थे।
निजामुद्दीन से ट्रेन निकलते ही अगले स्टेशन पर उनके साथी विक्रम सिंह पुत्र अवतार सिंह (38) की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्होंने 4.58 बजे पर रेलवे के 139 नंबर पर फोन करके इलाज मांगा। रेलवे की ओर से 5 बजे फोन आया तो बोला आपके साथी को मथुरा जंक्शन पर इलाज मिलेगा। लेकिन अझाई स्टेशन पर स्टॉप नहीं होने के बाद भी ट्रेन डेढ़ घंटे खड़ी। इससे विक्रम की तबीयत और बिगड़ती गई और मौत हो गई।
मथुरा जंक्शन पर ट्रेन सुबह 8.10 पर पहुंची तो रेलवे के चिकित्सकों ने विक्रम की जांच की। लेकिन तब तक विक्रम की माैत हो चुकी थी। इसके बाद विक्रम के सभी साथी जंक्शन पर उतर गए। जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि विक्रम के साथियों ने रेलवे के नंबर पर शिकायत की थी। लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।