मथुरा। जिला अस्पताल की ओपीडी में पंजीकरण कराने के लिए लगी मरीजों की लाइन।
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मथुरा। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण बुखार के साथ पेट में संक्रमण के मरीज भी बढ़ रहे हैं। इसके अलावा ओपीडी में टायफाइड के केस भी सामने आ रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को समय पर जांच व उपचार कराने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मरीजों को खानपान में भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
शनिवार को जिला अस्पताल में बुखार और खांसी के मरीज ज्यादा पहुंचे। बुखार के साथ पेट में संक्रमण की शिकायत भी ज्यादातर मरीजों में पाई गई। जिला अस्पताल के डॉ. देवेंद्र मोहन ने बताया कि उनके पास ओपीडी में रोजाना करीब 200 मरीज आ रहे हैं। इनमें 50 से 60 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें बुखार के साथ पेट में संक्रमण की भी समस्या होती है। संक्रमण के कारण पेट में दर्द, भारीपन, लीवर में सूजन जैसी शिकायतें मरीजों में आ रही हैं। उनका कहना है कि तीन दिन तक बुखार रहता है। अगर तीन दिन बाद भी बुखार ठीक नहीं होता है तो मरीज को चिकित्सक की सलाह से जांच करानी चाहिए।
वहीं डॉ. सिद्धार्थ धनगर ने बताया कि बुखार के साथ पेट में दर्द रहना व भूख कम लगना टायफाइड के लक्षण है। इस समय वायरल के साथ टायफाइड के भी केस सामने आ रहे हैं। समय रहते मरीज को जांच कराकर उपचार कराना चाहिए। इसमें लापरवाही भारी पड़ सकती है। मरीजों को तला भुना व चिकनाई युक्त खाना खाने से परहेज करना चाहिए।
मरीजाें की बात
- माहोली रोड निवासी पूनम देवी ने बताया कि उन्हें पांच दिन से बुखार आ रहा है। तीन दिन से पेट में दर्द की समस्या बनी हुई है।
- चौबिया पाड़ा निवासी नीरज कुमार ने बताया कि उन्हें कई दिन पहले बुखार आया था। बुखार तो लगभग ठीक हो गया, लेकिन पेट में भारीपन रहता है और चलने फिरने में भी थकान महसूस होती है।