राल सीएचसी परिसर के एक हिस्से में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण एजेंसी और मजदूरों ने मरीजों के लिए उपलब्ध स्ट्रेचर को ही ट्रॉली की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। अस्पताल का यह जरूरी उपकरण कई दिनों से ईंट और अन्य निर्माण सामग्री ढोने में लगाया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर कोई रोक नहीं लगाई।
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ग्रामीण महेश सिंह ने बताया कि अस्पताल के संसाधनों का इस तरह दुरुपयोग न केवल लापरवाही है, बल्कि मरीजों की सुविधाओं के साथ भी खिलवाड़ है। यदि किसी आपात स्थिति में मरीज को तत्काल स्ट्रेचर की जरूरत पड़े तो परेशानी खड़ी हो सकती है।
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गौरतलब है कि राल सीएचसी पहले भी विवादों में रह चुका है। हाल ही में 84 कोस परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को कथित तौर पर एक्सपायरी दवा वितरण का मामला सामने आया था। इसके अलावा अस्पताल परिसर में एक्सपायरी दवा और पुराने दस्तावेजों में आग लगने की घटना भी चर्चा में रही थी। अब स्ट्रेचर से ईंटें ढोने का वीडियो वायरल होने के बाद एक बार फिर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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सीएमओ डॉ राधा वल्लभ ने बताया कि स्ट्रेचर मरीजों के लिए हैं। यदि इसका ईट ढोने में प्रयोग हो रहा है तो गलत है। किसी मजदूर ने गलती से ऐसा कर दिया होगा। बावजूद मामले की जांच कराई जाएगी।
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