सपा सरकार ने मथुरा की पराग डेयरी का अस्तित्व खत्म कर फिरोजाबाद स्थित दुग्ध महासंघ में विलय कर दिया था। इससे पूर्व रोजवेज को डेयरी की बड़ी जमीन 99 साल के पट्टे पर दे दी गई थी। इसे लेकर खासा हंगामा हुआ। बाद में भाजपा सरकार बन जाने और चौधरी लक्ष्मीनारायण के दुग्ध विकास मंत्री बन जाने के बाद फिर से डेयरी को मथुरा लाया गया और प्रदेश की अत्याधुनिक डेयरी बनाने को डीपीआर बनवाई गई।
एक लाख लीटर दूध से रोज यह बनेंगे उत्पाद
अत्याधुनिक पराग डेयरी में रोजाना एक लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग होगी। इससे पनीर, खोआ, घी, मक्खन, दही, छाछ, मोहन भोग, श्रीखंड, पेड़ा, माखनमिश्री प्रसाद, छैना खीर, लस्सी व दही तैयार कर बेचा जाएगा।
750 गांवों से इकट्ठा होगा दूध
मथुरा की पराग डेयरी में इस पर 35 हजार लीटर दूध 175 गांवों से रोजाना आ रहा है। नई डेयरी बन जाने के बाद 750 गांवों में दुग्ध संग्रह केंद्र खोलकर इसे डेढ़ लाख लीटर से अधिक किया जाएगा।
अत्याधुनिक पराग डेयरी से बने प्रोडक्ट को बेचने के लिए 10 चिलर प्लांट वाले ट्रकों में मोबाइल मिल्क पार्लर संचालित किए जाएंगे। 1.61 करोड़ की लागत से बनने वाले यह पार्लर जगह -जगह ठंडा दूध व अन्य दुग्ध उत्पाद बेचेंगे। साथ ही डेयरी के निकट एक बड़ा मिल्क पार्लर खोला जाएगा। इसमें दूध से बने सभी उत्पाद बेचे जाएंगे।
प्रदूषण रहित होगी समूची डेयरी
मथुरा की पराग डेयरी प्रदेश की सबसे अत्याधुनिक डेयरी होगी। यह प्रदूषण रहित व सीएनजी से संचालित ब्यॉलर से चलेगी। पूरे उत्पाद बनाने व उनको ठंडा सुरक्षित रखने को अत्याधुनिक व उच्च तकनीक वाले उपकरण लगाए जाएंगे।