राजस्थान में विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क में पैंथर ने दस्तक दी है। वह यहां लगाए गए ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि इससे किसी को खतरा नहीं है। बल्कि यहां पर्यटन बढ़ेगा।
राजस्थान के भरतपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क में पक्षियों के कलरव के साथ-साथ पैंथर की दहाड़ भी पर्यटकों को सुनने को मिलेगी। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में एक बार फिर से पैंथर ने दस्तक दे दी है। नेशनल पार्क में लगे ट्रैप कैमरे में पैंथर कैद हुआ।
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केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में पैंथर के मूवमेंट की पुष्टि कर दी गई है। ट्रैप कैमरे में पैंथर का मूवमेंट कैद हुआ है। कैमरे में वह जाटौली घना इलाके में घूमता दिख रहा है। डीएफओ नाहर सिंह ने बताया कि घना में जगह-जगह पैंथर की लोकेशन के लिए कैमरे लगाए गए हैं। बीती 25 जनवरी को घना जाटोली की ओर यह पैंथर कैमरे में कैद हुआ है।
पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने बताया कि 27 जनवरी को भी भ्रमण के दौरान पैंथर के पगमार्क मिले हैं। कुछ ग्रामीणों ने भी पैंथर को देखा है। बताया कि केवलादेव नेशनल पार्क में पैंथर के आने से कोई खतरा नहीं है। बल्कि, इसके आगमन से पर्यटकों की संख्या में इजाफा ही होगा।
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उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी केवलादेव नेशनल पार्क में पैंथर दस्तक दे चुके हैं। दो बार तो टाइगर भी घना नेशनल पार्क का भ्रमण कर चुके हैं। जानकारी मिल रही है कि केवलादेव नेशनल पार्क में पैंथर का मूवमेंट करौली के कैला देवी अभ्यारण से हुआ है।