उत्तर प्रदेश में मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और ईदगाह मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई टल गई। सुनवाई के लिए श्रीकृष्ण विराजमान के वाद मित्र मूर्ति के साथ हाईकोर्ट पहुंचे है। इस दौरान हाईकोर्ट में भगवान श्री कृष्ण के नाम से भी पास भी तैयार कराया गया है। केस के पैरोकार भगवान की मूर्ति के साथ कोर्ट में दाखिल हुए थे।
बताते चलें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस मयंक कुमार जैन की एकल पीठ श्रीकृष्ण जन्मभूमि से सटे शाही ईदगाह परिसर को मंदिर का ही हिस्सा बताए जाने से जुड़ी सभी 18 याचिकाओं पर अयोध्या जन्मभूमि विवाद की तर्ज सुनवाई कर रही है। श्रीकृष्ण विराजमान की एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करके सर्वेक्षण कराए जाने की मांग संबंधी अर्जी को 14 दिसंबर को हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी थी।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के पदाधिकारियों ने किया आयोजन
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के पदाधिकारियों ने सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान के गेट नंबर 1 पर सुबह से शाम तक भजन-कीर्तन कर उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश का इंतजार किया।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष एवं पक्षकार दिनेश शर्मा ने कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण जगत के पालनहार हैं। निश्चित रूप से आदेश विलंब से ही सही, लेकिन हिंदू पक्ष में आएगा। अब सर्वे को कोई नहीं टाल सकता। जल्द ही भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर के सभी क्षेत्रफल को विधिवत नापा जाएगा। हमें विश्वास है कि जल्द ही कोर्ट पुरातत्व सर्वेक्षण का आदेश देगा।
राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पाठक, महामंत्री संगठन अश्विनी शर्मा एवं विजय सोमानी ने कहा कि जो भी विलंब हो रहा है। वह सब कन्हैया की लीला है। निश्चित रूप से ही फैसला सुखद होगा और हिंदू पक्ष में आएगा। प्रदेश उपाध्यक्ष हीरालाल लवानिया, राष्ट्रीय सचिव जमुना देवी शर्मा, रिचा शर्मा, सुजाता सिंह, सुखराम सिंह कमल, कन्हैया लाल बृजवासी, उमेश चंद्र सोनी, सोनू कुमार, संजय हरियाणा आदि मौजूद थे।