वृंदावन (मथुरा)। प्रस्तावित श्रीबांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर और न्यास गठन को लेकर जारी विवाद और तेज हो गया है। शुक्रवार को बारिश के बावजूद सेवायत गोस्वामी, स्थानीय व्यापारी और ब्रजवासी महिलाएं बच्चों के साथ सड़कों पर उतर आईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। राधावल्लभ मंदिर, बांकेबिहारी मंदिर और कुंज गलियों में कॉरिडोर हाय-हाय, तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए।
विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का कहना था कि जब तक उन्हें लिखित रूप में यह नहीं बताया जाएगा कि न्यास गठन निरस्त कर दिया गया है और कॉरिडोर की सीमाएं क्या हैं, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में शामिल भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष मधु शर्मा ने सांसद हेमामालिनी की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि धिक्कार है ऐसे प्रतिनिधि को, जिनकी मौजूदगी में महिलाओं को खून से पत्र लिखना पड़ रहा है। एक महिला प्रतिनिधि होने के नाते हेमामालिनी का कर्तव्य था कि वह खुद आकर महिलाओं की पीड़ा सुनतीं।
प्रदर्शन में सुनीता गोस्वामी, सुमन गोस्वामी, श्रद्धा खंडेलवाल, निशा शर्मा, रानी गोस्वामी, नीरू गोस्वामी, मीरा गोस्वामी, दक्षा गोस्वामी, राधा मिश्रा, माला गोस्वामी, सपना शर्मा, प्रीति गोस्वामी, गुड़िया गोस्वामी समेत दर्जनों महिलाएं शामिल रहीं। सभी ने एक सुर में सरकार से अध्यादेश को वापस लेने की मांग की।
मुख्यमंत्री से सीधी अपील
मधु शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि वे स्वयं गोस्वामी समाज के लोगों से मिलें और उनकी पीड़ा को समझें। उनका कहना है कि अधिकारी समाज को गुमराह कर रहे हैं और आज तक संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है कि कॉरिडोर की सीमाएं क्या होंगी और सेवायतों के अधिकार किस हद तक सुरक्षित रहेंगे।
प्रस्तावित कॉरिडोर और न्यास का विरोध करते हुए। संवाद