जवाहर बाग से गिरफ्तार एक बुजुर्ग की शुक्रवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह कानपुर देहात के गांव पनहरा के रहने वाले थे। पिछले कई रोज से जेल के अस्पताल में इलाज चल रहा था।
गुरुवार की रात को सांस लेने में दिक्कत के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रामभरोसे की मौत के बाद अब जवाहर बाग हिंसा में मरने वालों की संख्या 30 हो गई है। इनमें दो पुलिस अधिकारी और 28 कब्जाधारी थे।
जवाहर बाग में दो जून को हुई हिंसा में पुलिस ने 268 लोगों को गिरफ्तार किया था। कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र में गांव पनहरा निवासी रामभरोसे (70) भी इनमें शामिल थे। उनके हाथ की हड्डी भी टूट गई थी। शरीर पर कई जगह चोटों के निशान थे। चार जून को रामभरोसे जेल भेज दिए गए। बताया जाता है कि जेल के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
गुरुवार की रात को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। जिला प्रशासन ने उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया। जहां शुक्रवार की सुबह 8 बजे उनकी मौत हो गई। मथुरा पुलिस ने कानपुर पुलिस के माध्यम से परिवार वालों को सूचना भेज दी है।