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ए ग्रेड पालिका बनी वृंदावन, सीमा विस्तार पर संशय

Wed, 07 Dec 2016 11:10 PM IST
अमर उजाला मथुरा
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नगर पालिका वृंदावन के ए ग्रेड नगर पालिका के दर्जे पर मुहर लग चुकी है। बीते दिनों कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसले के बाद अब शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश में सचिव नगर विकास ने वृंदावन को ए ग्रेड पालिका की सुविधा देने के निर्देश डीएम को दिए हैं। हालांकि आदेश में सीमा विस्तार की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इससे प्रस्तावित गांवों के नगर पालिका में शामिल होने पर अभी भी संशय है।
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वृंदावन को ए ग्रेड की पालिका बनाए जाने संबंधी आदेश बीती पांच दिसंबर को श्रीप्रकाश सिंह सचिव नगर विकास के हस्ताक्षर से जारी कर दिया गया है। इसमें डीएम मथुरा को अनुमन्य सभी सुविधाएं प्रदान करने और व्यवस्थाएं करने के संदर्भ में नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस आदेश में सीमा विस्तार का कहीं भी उल्लेख नहीं है। इससे सस्पेंस है कि प्रस्तावित सीमा विस्तार अब ए ग्रेड पालिका का हिस्सा रहेगा या नहीं। गौरतलब रहे कि जिले से भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक वृंदावन ए ग्रेड नगर पालिका में आसपास के 17 गांवों को शामिल किया जाना था। इस संदर्भ में कुछ भी नहीं कहा गया है।

वृंदावन सीमा विस्तार में प्रस्तावित गांव
जैंत, छटीकरा, सुनरख बांगर, सुनरख खादर, आटस बांगर, आटस खादर, वृंदावन खादर का देहात, वृंदावन बांगर का देहात का हिस्सा, राजपुर बांगर, राजपुर खादर, तेहरा, अल्हैपुर, जहांगीरपुर खादर, डांगोली खादर, अरुआ खादर, पानीगांव खादर माफी, दाऊ गुलाब।
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ए ग्रेड पालिका एक नजर में 
- 40 प्रतिशत कृषि क्षेत्र, 60 प्रतिशत आबादी क्षेत्र
- 2011 की जनगणना के अनुसार वृंदावन नगर पालिका की आबादी 63117
- सीमा विस्तार में शामिल होने वाले क्षेत्र की आबादी 43494
- वृंदावन में प्रतिदिन आने वाले लोगों की संख्या करीब एक लाख
- प्रस्तावित ए ग्रेड पालिका का क्षेत्रफल 6373.491 हेक्टेयर 
- प्रस्तावित पालिका के क्षेत्रफल का घनत्व 682 वर्ग किलोमीटर

सीमा विस्तार पर राजनीति
मथुरा-वृंदावन के विकास में स्थानीय राजनीति भारी पड़ रही है। पहले मथुरा-वृंदावन को संयुक्त रूप से नगरनिगम बनाने का विरोध हुआ। फिर मथुरा-वृंदावन के अलग-अलग प्रस्ताव में सीमा विस्तार पर राजनीति शुरू हो गई। स्थानीय नेता ही इसमें बाधा बन रहे हैं। कोशिश की जा रही है कि सीमा विस्तार के प्रस्ताव को अप्रभावी बनाते हुए शासन स्तर पर वर्तमान स्वरूप में ही नगर निगम और ए ग्रेड का दर्जा दिला दिया जाए। वृंदावन को लेकर आया आदेश इसी की ओर इशारा भी कर रहा है।
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