नोटबंदी के खिलाफ भारत बंद के आह्वान का जिले में कहीं कोई असर नहीं दिखा। शहर में तो बाजार रोजमर्रा की ही तरह खुला रहा। कस्बाई क्षेत्रों की दुकानों को बंद कराने की कोशिश हुई, लेकिन वह भी मुश्किल से पांच से दस मिनट। भाजपाइयों ने जगह-जगह जुलूस निकालकर मोदी के नोटबंदी के फैसले को एतिहासिक कदम बताया। कांग्रेसियों ने बंद का समर्थन करते हुए प्रदर्शन किया।
शहर के होलीगेट, चौक बाजार, कृष्णा नगर, डीग गेट और भरतपुर गेट का बाजार रोजमर्रा की तरह ही खुला। यहां तक कि खोखे-खोमचे वाले भी सुबह ही अपनी दुकानें सजाकर बैठ गए थे। सुबह करीब साढ़े दस बजे भाजयुमो के कार्यकर्ता जुलूस लेकर शहर में निकल पड़े। यह लोग नोटबंदी को काला धन कुबेरों पर बड़ी कार्रवाई बता रहे थे।
इनका कहना था कि इससे महंगाई पर भी अंकुश लग सकेगा। भाजयुमो कार्यकर्ताओं का जुलूस शहर के विभिन्न इलाकों से निकला। इस दौरान अशोक चौधरी, पुष्पेंद्र, गोविंद बघेल, दिलीप राघव, भरत ठाकुर, सुजान चौधरी, रिंकू शर्मा, हरीश सारस्वत, अंशुल गोस्वामी, करन पचौरी आदि मौजूद रहे।
वृंदावन में भी भारत बंद का असर नहीं दिखा। नगर के प्रमुख बांकेबिहारी मंदिर बाजार, लोईबाजार, रेतिया बाजार, गोपीनाथ बाजार, सराफा बाजार, रमणरेती आदि क्षेत्रों के बाजारों में दुकानें हर रोज की तरह ही खुलीं।