यमुना किनारे कचरा निस्तारण के मामले में एक बार फिर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सख्त रुख अख्तियार किया है। डीएम और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है।
मथुरा शहरी क्षेत्र में यमुना किनारे कूड़ा निस्तारण को लेकर एनजीटी में दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान याची तपेश भारद्वाज के अधिवक्ता राहुल कुमार ने एनजीटी को जानकारी दी कि छावनी परिषद और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जवाब अलग-अलग हैं।
साथ ही डीएम और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया है। इस पर एनजीटी ने डीएम और केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड को सख्त हिदायत दी। कहा कि जवाब जल्द न आने पर क्यों न जुर्माना लगा दिया जाए।
इस मामले में सिचाई विभाग उत्तर प्रदेश के अधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी छावनी परिषद मथुरा की पेशी भी हुई। सुनवाई की अगली तारीख आठ मार्च की निर्धारित की गई है।