मथुरा। डिजिटल भुगतान के नए नियमों ने पेट्रोल पंप संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोल-डीजल खरीदने वाले ग्राहकों की बड़ी संख्या मोबाइल से भुगतान करती है। ऐसे में दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर शुल्क लगने की व्यवस्था से पेट्रोल पंप संचालकों के सामने अतिरिक्त आर्थिक बोझ की स्थिति बन रही है।
पेट्रोल पंप संचालकों को यूपीआई के नए नियम से परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। अधिकांश ग्राहक बड़ी राशि का ईंधन भरवाकर मोबाइल से भुगतान करते हैं। ऐसे लेनदेन की संख्या अधिक होने के कारण पंप संचालकों को रोजाना अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। उनका कहना है कि ग्राहकों से यह शुल्क लेना भी संभव नहीं होगा, क्योंकि इससे ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
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अधिकांश ग्राहक अब मोबाइल से भुगतान कर रहे हैं। दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर शुल्क लगने से रोजाना का खर्च बढ़ जाएगा। हमारा लाभ पहले से तय है, इसलिए इसका सीधा असर आमदनी पर पड़ेगा।
कार्तिक जग्गी, वरिष्ठ सदस्य
मथुरा पेट्रोलियम एसोसिएशन
पेट्रोल पंप पर डिजिटल भुगतान की सुविधा देना जरूरी है। लेकिन ईंधन बिक्री पर लाभ सीमित रहता है। सरकार को पेट्रोल-डीजल की बिक्री को इस शुल्क से बाहर रखना चाहिए, नियमों में राहत दी जानी चाहिए।
जगदीश सिंह, अध्यक्ष
मथुरा पेट्रोलियम एसोसिएशन