हिंदुस्तान में हिंदुओं को अपमानित करने का काम मुगलों ने खास धर्मस्थलों को तोड़कर किया। इसी के तहत श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मस्जिद बनाई गई। मुगलों की इस हरकत पर पर्दा डालने का काम कांग्रेस ने 1991 में यथास्थिति का कानून बनाकर किया। मुस्लिमों को श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कर देना चाहिए। यह बातें शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहीं।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान निर्माण न्यास के अध्यक्ष देवमुरारी बापू ने वसीम रिजवी को न्यास की मुस्लिम विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। बुधवार को मथुरा में आयोजित होने वाली न्यास की बैठक में वसीम रिजवी को शामिल होना था। लेकिन जरूरी काम से मुंबई जाने के कारण उनका मथुरा आने का कार्यक्रम रद्द हो गया।
रिजवी ने अमर उजाला से फोन पर हुई खास बातचीत में कहा कि वह 25 अक्तूबर को मथुरा पहुंचेंगे। उन्होंने श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर मस्जिद के निर्माण को पूरी तरह गलत ठहराया। कहा कि हिंदुस्तान में जहां-जहां भी मंदिर तोड़कर मस्जिदें बनाई गई हैं, वे भी गलत हैं। मुस्लिम समाज ईमानदारी से इस्लामी नियमों को माने तो इन स्थानों पर नमाज अदा नहीं की जा सकती।
वसीम रिजवी ने कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में किसी हिंदू राजा ने कभी मस्जिद को तोड़कर मंदिर नहीं बनवाया। ऐसे धर्मस्थलों को हिंदुओं को सौंपकर विवाद समाप्त करना चाहिए। उधर, श्रीकृष्ण जन्मस्थान निर्माण न्यास के अध्यक्ष देवमुरारी बापू ने कहा कि बुधवार को बैठक में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के संबंध में चर्चा होगी।