लाशों पर बैठकर खाते हैं खाना
कई घटनाओं की विवेचना करने वाले अधिकारियों ने बताया कि धारदार हथियार से घरवालों की हत्या करने के बाद घर में लाश इधर-उधर पड़ी होती हैं और पूरा गैंग लाशों के आसपास बैठकर भोजन करता है। कई मामलों में तो यह भी पता चला कि है लाशों के ऊपर बैठकर गैंग ने भोजन किया है। उन्होंने बताया कि गैंग खाना अपने साथ लेकर जाता है। इसके अलावा जिस घर में वारदात करते हैं, वहां से भी खाने की वस्तुओं को एकत्रित करते हैं, चूंकि सभी लोगों को मौत के घाट उतार चुके होते हैं तो उन्हें किसी बात का डर नहीं रहता है।
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जिस घर में कुत्ता होता है वहां नहीं करते वारदात
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस घर में कुत्ता होता है वहां छैमार गैंग वारदात नहीं करता है। क्योंकि जैसे ही यह लोग घर में प्रवेश करते हैं कुत्ता भौंकने लग जाता है। आवाज होने पर लोगों के जागने का डर रहता है। रेकी के समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है, यदि घर में कुत्ता होता है तो गैंग अपना टारगेट बदल देता है। इसके साथ ही गैंग का ध्यान चमक दमक वाले घरों पर रहता है। घर की सजावट के हिसाब से वे अंदाजा लगा लेते हैं कि परिवार कितना संपन्न है।
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प्रयागराज में वैद्य का पूरा परिवार कर दिया था खत्म
प्रयागराज के होलागढ़ के गांव बरईहरख में 2 जुलाई 2020 की रात छैमार गैंग ने विमलेश पांडेय जो पेशे से वैद्य थे, उनके घर पर डकैती को अंजाम दिया था। गैंग ने वैद्य समेत उनके परिवार के चार सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया। विमलेश पांडेय वैद्य थे और गांव में मरीजों को दवा देकर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। इनके घर की रंगाई पुताई कुछ दिन पहले ही हुई थी। इस कारण छैमार गैंग को लगा कि वैद्य काफी धनाढ्य है और उनके घर को वारदात के लिए चुना।