मथुरा। यमुना मिशन को 15 दिन का नोटिस देने के बाद नगर निगम कार्यवाही करना भूल गया है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी यमुना मिशन का अवैध कब्जा नहीं हट सका है।
यमुना किनारे की 20 एकड़ जमीन पर कब्जे का आरोप लगाकर नगर निगम ने यमुना मिशन के कार्यालय पर 24 मार्च को नोटिस चस्पा किया था। इस नोटिस में 15 दिन में यमुना मिशन को कब्जा हटाने लिए कहा गया था। यमुना मिशन के कब्जा न हटाने पर 15 दिन बाद अवैध कब्जे को बुलडोजर से ध्वस्त करने की चेतावनी भी दी थी।
नगर निगम का 15 दिन का समय 8 अप्रैल को पूरा हो गया, पर नगर निगम नोटिस देकर कार्यवाही करना भूल गया। एक सप्ताह बीतने के बाद भी आज तक अवैध कब्जे पर बुलडोजर न चलना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
कब्जा होते समय अफसरों ने मूंद लीं आंखें
यमुना मिशन पौधरोपण के सहारे यमुना किनारे सालों से काम कर रहा है। नगर निगम के कर्मचारियों और अफसरों की मिलीभगत से सब हुआ। जैसे ही यह विवाद एनजीटी में पहुंचा तो नगर निगम पीछे हट गया। इससे पहले निगम खुद ही यमुना मिशन के साथ मिलकर पौधरोपण करता रहा।
अवकाश होने के चलते अवैध कब्जे नहीं हटाए गए। जल्द ही अवैध कब्जों से जमीन मुक्त कराई जाएगी।
- राजकुमार मित्तल, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम