परीक्षा केंद्र से डीएलएड की परीक्षा देकर बाहर निकलते परीक्षार्थी।
मथुरा। डीएलएड परीक्षा के दूसरे दिन प्रथम सेमेस्टर वर्ष 2026 की गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन (पंचम प्रश्न-पत्र) की परीक्षा हुई। प्रश्नों के मिले-जुले स्वरूप ने परीक्षार्थियों की परीक्षा ली। 50 अंकों के इस प्रश्न-पत्र में जहां बहुविकल्पीय प्रश्न अपेक्षाकृत सरल और सीधे रहे, वहीं अति लघु एवं लघु उत्तरीय प्रश्नों ने कई अभ्यर्थियों को उलझा दिया।
परीक्षा देकर बाहर निकले अधिकांश अभ्यर्थियों के चेहरे पर स्यादवाद और ओरियन जैसे प्रश्नों को लेकर उलझन दिखाई दी। अति लघु उत्तरीय प्रश्नों में शामिल स्यादवाद किस धर्म के दर्शन का मूल आधार है, जैन दर्शन से जुड़े प्रश्न का उत्तर कई परीक्षार्थी गलत लिख आए। इसी प्रकार लघु उत्तरीय श्रेणी के प्रश्न ओरियन क्या है, खगोल विज्ञान व तारामंडल से संबंधित इस प्रश्न ने अभ्यर्थियों को उलझाए रखा।
परीक्षा केंद्र के बाहर निकले छात्रों का कहना था कि जिन्होंने केवल सतही अध्ययन किया था, उनके लिए पूरे अंक हासिल करना कठिन होगा। गणित की परीक्षा में 4125 छात्र-छात्राओं में से 3559 ने परीक्षा दी। वहीं विज्ञान में 4482 छात्रों में से 3884 ने परीक्षा दी। इसी प्रकार सामान्य अध्ययन की परीक्षा में 3668 छात्र-छात्राओं में से 3132 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। तीनों विषयों में कुल 1690 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित रहे।
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बहुविकल्पीय प्रश्न सरल रहे, जबकि अति लघु एवं लघु उत्तरीय प्रश्न विश्लेषणात्मक व गहरे ज्ञान पर आधारित थे। आराधना- छात्रा
विज्ञान की तैयारी की थी, कई सालों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन किया था। तैयारी के अनुसार पेपर अच्छा आया है। ज्योति, छात्रा