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-गज पर सवार होकर आ रहीं हैं मातारानी-श्यामदत्त चतुर्वेदी

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मथुरा। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपद से आषाढ़ गुप्त नवरात्र शुरू होंगे। इस साल गुप्त नवरात्र 11 जुलाई से शुरू होंगे और 18 जुलाई को पूर्ण होंगे।
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ज्योतिषाचार्य श्यामदत्त चतुर्वेदी ने बताया कि चैत्र और शारदीय नवरात्र की तरह ही गुप्त नवरात्र में भी मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्र में मां कालिके, मां तारा देवी, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, माता चित्रमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूम्रवती, माता बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला देवी की पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्र में अपनी पूजा के बारे में किसी को न बताएं। ऐसा करने से आपकी पूजा और ज्यादा सफल होगी। इस बार गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा गज (हाथी) पर सवार होकर आ रहीं हैं।
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्र के लिए घट स्थापना 11 जुलाई को की जाएगी। घट स्थापना के लिए सुबह 5 बजकर 31 मिनट से सुबह 7 बजकर 47 मिनट तक का समय शुभ है। इस साल घट स्थापना की कुल अवधि 2 घंटे 16 मिनट की है।
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गुप्त नवरात्र उपाय
- सुबह-शाम दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- दोनों वक्त की पूजा में लौंग और बताशे का भोग लगाएं।
- मां दुर्गा को सदैव लाल रंग का पुष्प ही चढ़ाएं।
- मां दुर्गा के विशिष्ट मंत्र ‘ऊं ऐं ह्री क्लीं चामुंडाय विच्चे’ का सुबह-शाम 108 बार जप करें।
शनि को मनाएं, बिगड़े काम बनाएं : कामेश्वर चतुर्वेदी
आज शनिश्चरी अमावस्या भी मनाई जाएगी। इस दिन दान और स्नान से परिवार वालों की उम्र और सुख-समृद्धि भी बढ़ती है। दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार पुनर्वसु नक्षत्र पढ़ रहा है। अत: देवी देवताओं की पूजा कर शनि महाराज को संतुष्ट करें।
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