फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब जल्द मिलेगी बांकेबिहारी की नगरी को बंदरों से निजात

विज्ञापन
वृंदावन के परिक्रमा मार्ग में बंदरों का झुंड। संवाद - फोटो : VRINDAVAN
विज्ञापन
वृंदावन (मथुरा)। बांकेबिहारी की नगरी वृंदावन को अब जल्द ही बंदरों के उत्पात से निजात मिलने जा रही है। उत्पाती बंदरों को पकड़ने के लिए मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत छह एजेंसियों ने बंदर पकड़ने में रुचि दिखाई है।
विज्ञापन

धर्म और आस्था की नगरी मथुरा-वृंदावन में बंदरों का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी वृंदावन में हो रही है। बंदरों की सबसे अधिक संख्या भी इसी क्षेत्र में है। यहां स्थानीय लोगों के साथ देश विदेश से आने वाले श्रद्धालु भी इनका शिकार बनते हैं। चश्मा, मोबाइल और पर्स लोगों से छीनना यहां आम समस्या बन चुकी है। इस शिकायत को स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी उठाया है। इसी के तहत नगर निगम अब बंदरों को पकड़वाने जा रहा है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नगर निगम द्वारा बंदर पकड़ने के लिए इस कार्य में दक्ष एजेंसियों से निविदाएं आमंत्रित की थी। यह प्रक्रिया बृहस्पतिवार तक चली। इसमें छह एजेंसियों ने नगर निगम की शर्तों के मुताबिक बंदर पकड़ने की इच्छा जताई है। तकनीकी टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब वित्तीय प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वन विभाग से मिली अनुमति के मुताबिक नगर निगम सबसे पहले दो हजार बंदर पकड़वा रहा है। इन्हें आगरा जिले के चंबल सेंचुरी के बाह रेंज में छोड़ा जाएगा। सहायक नगर आयुक्त अजीत सिंह ने बताया कि बंदर पकड़ने के लिए टेंडर मांगे गए हैं। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
विज्ञापन

हेमामालिनी ने संसद में उठाया था मुद्दा
वृंदावन के बंदरों के आतंक का मुद्दा सांसद हेमामालिनी ने पिछले दिनों संसद में उठाया था। टीएमसी के सांसद ने भी इस प्रश्न पर हेमामालिनी का समर्थन करते हुए वृंदावन आगमन के दौरान बंदरों द्वारा उनका चश्मा ले जाने की घटना का हवाला दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें