वृंदावन (मथुरा)। चाहे मंत्री दौरा कर लें या अधिकारियों निरीक्षण हो जाएं, लेकिन वृंदावन सौ शैया संयुक्त जिला अस्पताल के हालातों में सुधार नहीं हो रहा है। उपचार के लिए भर्ती कराई गई एक वृद्ध महिला घंटों बेड के पास पड़ी रही, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सुध तक नहीं ली।
दिवाली के त्योहार पर जब सभी लोग अपने अपने घरों पर उत्सव मना रहे थे, उस वक्त कनकधारा फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी गौतम ने वृंदावन के अटल्ला चुंगी के पास सड़क किनारे बीमार पड़ी लगभग 80 वर्ष की वृद्ध माता को वृंदावन के संयुक्त जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। अगले दिन जब उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और सीएमएस से जानकारी की तो उन्होंने कहा कि महिला की तबियत ठीक है।
अगले दिन उन्हें बताया गया कि वृद्धा सही हो गई और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया है। इस पर उन्हें लगा कि अत्याधिक बीमार महिला इतनी जल्दी कैसे सही हो गई। इसी के चलते वह देखने चलीं गईं। वहां पहुंचने पर वृद्धा वार्ड में एक बेड के नीचे बेहोश पड़ी हुई थी। आसपास के बेड पर भर्ती मरीजों ने बताया कि तीन दिन से यहां भर्ती महिला को देखने ना कोई डॉक्टर आया और ना किसी वार्ड ब्वाय ने ही उन्हें दवा दी। यह देखने के बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को खरी खोटी सुनाई। इसके बाद महिला को 32 नंबर कमरे में शिफ्ट किया गया।
महिला की स्थिति ठीक है। महिला बेड के नीचे कैसे आई, इसकी जांच कराई जा रही है।
डॉ. संजीव जैन, सीएमएस संयुक्त जिला अस्पताल