वृंदावन (मथुरा)। राधाकृष्ण की क्रीड़ा भूमि श्रीधाम वृंदावन प्रदूषण की चपेट में है। बीते एक पखवाड़े में प्रदूषण के स्तर में वृंदावन नौंवे स्थान से प्रदेश में दूसरे पायदान पर पहुंच गया। इसी से वृंदावन में प्रदूषण के हालातों को समझा जा सकता है।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सामाजिक कार्यकर्ता और एनजीटी के याचिकाकर्ता महंत मधुमंगल शरणदास शुक्ला ने नाराजगी जताई है। कहा कि लोगों की सेहत की ओर नगर निगम प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। एनजीटी के कड़े आदेशों के बाद भी वृंदावन में खुलेआम कूड़ा जलाया जा रहा है। वह वृंदावन में कूड़ा जलाए जाने के संबंध में एनजीटी को अवगत कराएंगे।
वृंदावन का प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ रहा है। हालात दिनों दिन बिगड़ रहे हैं। शहर में जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है। वहीं यहां आ रही बाहरी गाड़ियों ने भी प्रदूषण में इजाफा करने का काम किया है। इसके साथ ही निर्माण स्थल से उड़ते धूल के कण भी यहां को वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। बढ़ते प्रदूषण से लोगों की सेहत भी खराब हो रही है। लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन हो रही है।
वृंदावन में हर दिन कूड़ा या कबाड़ जलाया जा रहा है। रविवार को मथुरा दरवाजा क्षेत्र में कूड़े में लगी आग से उठते धुएं ने पूरे क्षेत्र को अपनी आगोश में ले लिया। नगर निगम प्रशासन की उदासीनता के कारण हर दिन वृंदावन प्रदूषण के ऊंचे स्तर को छू रहा है।