राधाकुंड में गौड़ीय संत अनंत दास के तिरोभाव महोत्सव के उपलक्ष्य में निकाले गए डोले में शामिल श्र?
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राधाकुंड (मथुरा)। अपना पूरा जीवन राधाकृष्ण की भक्ति को समर्पित करने वाले श्रीपाद रघुनाथ दास गद्दी के संत अनंत दास के तीन दिवसीय तिरोभाव महोत्सव का संत-विद्वत सम्मेलन, राधाकुंड-श्यामकुंड की परिक्रमा एवं भंडारे के साथ समापन हो गया।
गुरु भक्ति में डोले के साथ हरिनाम संकीर्तन करते हुए संगम कुंड की परिक्रमा लगाई। परिक्रमा में देश-विदेश के हजारों श्रद्धालु राधाकृष्ण की भक्ति के गीतों पर नाचते गाते चल रहे थे। संत विद्वत सम्मेलन में महंत केशव दास ने बताया कि संत परंपरा में महाराज 500 साल पुरानी रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी के 35वें महंत थे। उन्होंने चार भाषाओं में सैकड़ों ग्रंथों की रचना की। देश ही नहीं विदेश में हिंदी, संस्कृत, बांग्ला व अंग्रेजी में प्रवचन करते थे।
गिरिराज तलहटी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष अशोक नारायण ने बताया कि महाराज जी की भक्ति का हजारों भक्त अनुसरण कर स्वयं को कृतार्थ कर रहे हैं। निताई दास, बिहारी बाबा, विश्वनाथ, परीक्षित दास, बलराम दास, श्रीकांत दास, सुवल दास, विशंभर दास, लोचन दास, अमल दास, ईसान, जगन्नाथ, लोकनाथ, आनंद आदि थे।