मथुरा। पंचायत चुनाव की आचार संहिता लगते ही प्रशासन चुनावी मोड़ पर आ गया है। शुक्रवार को इसकी सूचना मिलते ही सभी कार्यालयों में रुकी पड़ीं भुगतान संबंधी फाइलों पर अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर आगे बढ़ाया। नए सिरे से होने वाले भुगतानों पर आचार संहिता हटने तक रोक लगा दी गई है। पूरे दिन सरकारी कार्यालयों में आचार संहिता को लेकर अफरातफरी मची रही।
आचार संहिता के बारे में सबसे पहले मोबाइलों पर मैसेज वायरल हुआ। हालांकि थोड़ी देर बाद डीएम कार्यालय से भी इसकी सूचना दी गई। सूचना के मिलाने के बाद प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएं जहां की तहां थम गईं। बाबुओं द्वारा फाइलों को पूरा करके उनके भुगतान संबंधी कागजात पूरे कर दिए गए और नए भुगतानों को आचार संहिता खत्म होने तक रोक दिया गया। प्रदेश सरकार द्वारा सिंचाई से लेकर दिव्यांगजन, विधवा पेंशन, शादी अनुदान आदि के अलावा अन्य योजनाओं के पुराने भुगतान की फाइलों को चालू रखा जा रहा है।
अटक सकता है सरकारी भुगतान
आचार संहिता लगने के बाद बहुत सा सरकारी पैसा कार्यालयों द्वारा वापस किया जा सकता है। बहुत सी सरकारी योजनाओं को शुरू तक नहीं किया गया था। इन योजनाओं की धनराशि भी सरकारी खातों में ही पड़ी रह गई है। यह धनराशि समय से काम पूरा न होने के कारण शासन को भेजी जाएगी।
बैक डेट में भी कुछ भुगतानों पर हस्ताक्षर
आचार संहिता लगने के बाद भुगतान संबंधी पूरा रिकॉर्ड अभी कार्यालयों के पटल पर ही है। जिसके चलते बहुत सी योजनाओं के भुगतान संबंधी हस्ताक्षर 11 बजे बाद किए गए हैं और दो-तीन दिन तक किए जाते रहेंगे। लेकिन यह हस्ताक्षर आचार संहिता से पूर्व की तारीख और समय पर ही होंगे।
नए काम रुके
आचार संहिता लगते ही प्रदेश सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे विभिन्न योजनाओं के नए कामों को रोक दिया गया है। जो पूर्व से चल रहे थे वह चलते रहेंगे।
- डॉ. नितिन गौड़, मुख्य विकास अधिकारी