मथुरा। भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के प्रतीक का पर्व रक्षाबंधन 22 अगस्त को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन ग्रह एवं नक्षत्रों का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन घनिष्ठा नक्षत्र के साथ ही शोभन योग है। शोभन योग से शुभता में वृद्धि होगी। बताया कि इस दिन पूर्णिमा तिथि का मान शाम 5 बजकर 31 मिनट तक एवं धनिष्ठा नक्षत्र रात्रि 7 बजकर 38 मिनट तक है। चंद्रमा कुंभ राशि में होंगे।
वहीं, पूर्णिमा तिथि के पूर्वार्ध में भद्रा होती है। लेकिन इस वर्ष पहले दिन 21 अगस्त के शाम छह बजकर 10 मिनट से ही से पूर्णिमा लग जा रही है। इसके साथ ही भद्राकाल की शुरुआत भी हो जाएगी। भद्रा 22 अगस्त के सुबह 6 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। सुबह 6 बजकर 15 मिनट से शाम 5 बजकर 31 मिनट के बीच कभी भी राखी बांधी जा सकती है।