मथुरा। पिता द्वारा दिए गए एक हजार रुपये लेकर घर से भागे बालक ने रेलवे चाइल्ड टीम द्वारा पकड़े जाने पर माता-पिता से बिछुड़ने की झूठी कहानी ही गढ़ डाली। मामला बाद में पकड़ में आने पर परिजन को सूचना दी।
जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या सात पर सोमवार की रात 12 वर्षीय बालक जीआरपी की टीम मिला। जीआरपी ने इसे रेलवे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया। जब पूछताछ की तो बताया कि उसका कोई घर बार नहीं है। वह चार वर्ष पहले आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर माता-पिता से बिछड़ गया था। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के पास ही वह रहता है और कबाड़ा बीनने का काम करता है। वह हर दिन कैंट स्टेशन पर अपने माता-पिता की तलाश में जाता है। माता-पिता फतेहपुरसीकरी में रहते हैं।
जब रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम को उसकी बातों पर शक हुआ। कई बार काउंसिल कर सच्चाई पता लग गई कि वह आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र का रहने वाला है, उसके पिता परचून की दुकान करते हैं। पिता ने उसे एक हजार रुपये देकर बाजार सामान लेने के लिए भेजा था। रुपये लेकर ट्रेन में सवार होकर मथुरा चला आया और जीआरपी के हाथ लग गया। रेलवे चाइल्ड लाइन के कोऑर्डिनेटर मो. सईद ने बताया कि बालक को सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया गया। यहां से आगरा सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए। आगरा सीडब्ल्यूसी में बालक के माता-पिता भी पहुंच गए और उनके हवाले कर दिया।