श्री राधा उपासना कुंज में चल रहे ब्रज अकादमी स्थापना दिवस महोत्सव में संत-विद्वत समागम का हुआ आयो
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वृंदावन (मथुरा)। मोतीझील स्थित श्रीराधा उपासना कुंज में चल रहे ब्रज अकादमी के स्थापना दिवस महोत्सव एवं हनुमान जयंती महोत्सव के तीसरे दिन संत-विद्वत समागम हुआ। अखंडानंद आश्रम के अध्यक्ष स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती ने कहा कि श्रीपाद बाबा महाराज हनुमानजी महाराज के परम भक्त थे।
भागवताचार्य डॉ. मनोजमोहन शास्त्री ने कहा कि हनुमानजी महाराज अनेकानेक सदगुणों की खान हैं। उनमें वीरता, स्वामी भक्ति, बुद्धि-ज्ञान आदि का भंडार हैं। जो व्यक्ति जिस कामना से उनकी पूजा-अर्चना करता है, उनकी कामना वे पूर्ण करते हैं।
ब्रज अकादमी के निदेशक व एसएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. बीबी माहेश्वरी ने कहा कि कलिकाल में हनुमानजी की आराधना के बिना प्रभु श्रीरामजी की भक्ति असंभव है। ब्रज साहित्य सेवा मंडल के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि हनुमंत लाल के जीवन दर्शन का गुणगान न केवल हिंदी साहित्य में अपितु विश्व वांगयम्य में भी विभिन्न भाषाओं में हुआ है।
श्रीराधा उपासना कुंज के महंत बाबा संत दास जी महाराज, ब्रज अकादमी की सचिव साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया, संगीताचार्य देवकींन्दन शर्मा, युवा साहित्यकार राधाकांत शर्मा, गोरेदाऊजी आश्रम के महंत प्रह्लाद दास महाराज, जगतगुरु स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज, आचार्य नेत्रपाल शास्त्री, सेवानंद ब्रह्मचारी, डॉ. चंद्रप्रकाश शर्मा, निम्बार्क कोट के महंत वृंदावन बिहारी महाराज व बेरिया वाले बाबा महाराज आदि थे।