मथुरा। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता कम होने के कारण शहर के नालों का गंदा पानी यमुनाजी में गिरने का सिलसिला निरंतर जारी है। नगर के स्वामीघाट पर रविवार को सीवर का पानी यमुनाजी में गिरता दिखाई दिया। इसकी जानकारी मिलने पर मथुरा-वृंदावन नगर निगम के नगर आयुक्त ने जलनिगम के अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
शनिवार की भांति रविवार को भी यमुना छठ पर्व पर यमुनाजी में गंदा पानी गिरता देख लोगों में आक्रोश पनप गया। जानकारी मिलते ही वहां निगम की सफाई कर्मियों की टीम पहुंच गई। छानबीन में पता चला कि स्वामीघाट पर सीवेज ट्रीटमेंट की जल शोधन करने की क्षमता कम पड़ने से गंदा पानी यमुनाजी में ओवरफ्लो होकर बह रहा है।
वहां मौजूद जलनिगम के एक अधिकारी ने बताया कि जलनिगम सीवर लाइन डाल रहा है। 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इस लाइन को बंगाली घाट पंपिंग स्टेशन से जोड़ दिया जाएगा, जिसके पश्चात ओवरफ्लो होकर गंदा पानी यमुना में गिरने की समस्या पूरी तरीके से समाप्त हो जाएगी। लाइन जुड़ने के काम में अभी करीब दो महीने लग सकते हैं। इस बीच घाट पर हुई गंदगी को सफाई कर्मियों ने वहां से हटा दिया। इस संबंध में नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि यमुनाजी में गंदा पानी गिरने की समस्या का अतिशीघ्र निदान हो जाएगा। सीवर लाइन जोड़ने के काम में तेजी लाई जा रही है। यमुनाजी को स्वच्छ पवित्र रखना हम सब का मुख्य ध्येय है।