मथुरा। प्लॉट के विवाद के चलते शेरगढ़ के पैगांव में दो भाइयों की हत्या के आरोप में आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। हत्या में शामिल चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इनके पास से हत्या में प्रयोग की गई पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। आईजी आगरा जोन ने पैगांव पहुंचकर पूरी जानकारी जुटाई और पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
थाना शेरगढ़ के गांव में बुधवार की देर शाम प्लॉट पर कब्जे को लेकर भाइयों रतन सिंह और राजेश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, वहीं दो भाई रन सिंह और हरिचंद घायल हो गए थे। हमलावरों ने सरिया और फरसों से भी हमला किया था। शेरगढ़ पुलिस की हीलाहवाली को दरकिनार करते हुए पुलिस की टीमें अलग से जुटीं।
हरिचंद की तहरीर पर सुखवीर सिंह, हरिओम, पवन, कुंजबिहारी, अमर सिंह, सतीश, अरविंद सिंह और देशराज सिंह के खिलाफ हत्या व जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने बुधवार रात को ही हत्यारोपी सुखवीर, पवन, अमर सिंह और अरविंद सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्टल बरामद कर ली। बृहस्पतिवार को आईजी आगरा जोन नवीन अरोड़ा पैगांव पहुंचे। पीड़ित परिवार से मिलकर पूरी जानकारी जुटाई। एसपी ग्रामीण श्रीशचंद ने बताया कि चार हत्यारोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। इनके पास से देशी पिस्टल बरामद हुई है।
रतन की कमर और राजेश की रीढ़ की हड्डी में फंसी गोली
रतन सिंह के पेट में लगी गोली कमर के पास जाकर फंस गई, जबकि राजेश के सीने पर लगी गोली रीढ़ की हड्डी में जाकर फंस गई। एक्सरे और पोस्टमार्टम के बाद गोली के बारे में जानकारी हुई। सीओ रविकांत पाराशर ने बताया कि देशी पिस्टल से गोली दागी गई हैं, जोकि पार न होकर फंसी रह गई हैं। फिलहाल दो भाइयों को कोसीकलां में इलाज चल रहा है। इनके सिर और कमर पर चोट के निशान हैं।
पैगांव में तनावपूर्ण शांति, पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार
दोहर हत्याकांड के बाद पैगांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। हालांकि पुलिस और पीएसी को तैनात कर दिया गया है। बृहस्पतिवार की शाम को पुलिस सुरक्षा में सगे भाइयों का अंतिम संस्कार किया गया। लगातार पुलिस चार हत्यारोपियों को पकड़ने को दबिश दे रही है। हालांकि पुलिस के हत्थे अभी तक चारों हत्यारोपी नहीं चढ़ सके हैं।