वृंदावन (मथुरा)। दिवाली पर चले पटाखों ने दिल्ली एनसीआर की आवे हवा खराब कर दी है। यही नहीं देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में वृंदावन का नौंवा स्थान आने के बाद भी मथुरा-वृंदावन नगर निगम प्रशासन की आंखें खुली नहीं हैं।
वृंदावन में कूड़े को आग के हवाले कर उसका निस्तारण किया जा रहा है। इससे ना केवल स्थानीय लोगों का सांस लेने में परेशानी के साथ -साथ आंखों में जलन आदि की समस्या हो रही है, बल्कि एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ रहीं हैं।
वृंदावन के कई इलाकों में कूड़ा करकट और प्लास्टिक को जलाया जा रहा है। पिछले काफी समय से लोग आग लगाकर कूड़े का निस्तारण कर रहे हैं, लेकिन ना प्रशासन की आंखें खुल रहीं हैं और ना नगर निगम का इस ओर ध्यान है। वृंदावन रेलवे स्टेशन के आस पास यह स्थिति हर दिन हो रही है। वहीं किशोरपुरा, गौरा नगर कॉलोनी, पानीघाट, परिक्रमा मार्ग और यमुना किनारे कूड़े को जलाया जा रहा है।
वृंदावन निवासी मुकुट वल्लभ दुबे ने नगर निगम प्रशासन कहा कि कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है,। उन्होंने कहा कि अगर निगम प्रशासन का रवैया इसी प्रकार रहा तो वह एनजीटी में इसकी शिकायत करेंगे। उधर, नगर आयुक्त ने कहा कि कूड़ा जलाने की किसी को इजाजत नहीं है। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।