मथुरा। छात्रवृत्ति घोटाले की जांच पूरी करने का दबाव जिम्मेदार अधिकारियों पर इस कदर हावी रहा कि गुरु पूर्णिमा के अवकाश में भी वह संबंधित विद्यालयों तक पहुंचे और विद्यालय संचालकों से जांच के बिंदुओं पर जानकारी लेने का प्रयास किया। इस दौरान कई विद्यालयों की बिल्डिंग एक ही मिली तो कई विद्यालय केवल कागजों में ही नजर आए। वहीं, समाज कल्याण विभाग का कार्यालय भी खुला।
बिना छात्रों के ही करोड़ों रुपये हड़पने के मामले में शासन द्वारा एसडीएम स्तर की दूसरी दफा जांच कराई जा रही है। यह जांच भी इतने कम समय में कराई जा रही है कि सभी बिंदुओं पर जांच अधिकारियों के लिए विस्तार से काम करना संभव नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते जो अधिकारी जांच कर रहे हैं, वह संबंधित विद्यालयों की विगत जांच का अध्ययन करने के बाद पुन: जांच कर रहे हैं। जिससे जांच बिंदुओं पर काम करने में आसानी हो रही है।
यह जांच अधिकारियों को 22 जुलाई को देनी थी लेकिन शुक्रवार तक सिर्फ छाता तहसील की जांच ही पूरी हो सकी थी। अन्य तहसील के जांचकर्ताओं द्वारा विद्यालयों में जाकर जांच को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। शनिवार को अवकाश के दिन भी तहसील मांट के विद्यालयों की जांच में जुटे डिप्टी कलेक्टर अजय कुमार सिंह ने बताया कि वह अभी जांच कर रहे हैं।
समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता ने बताया कि वह अवकाश के दिन भी विद्यालयों की जांच रिपोर्ट को लेकर काम कर रहे हैं। अभी तक उनके पास केवल एक ही तहसील की जांच रिपोर्ट आ सकी है। मालूम हो कि 22 जुलाई तक जांच करके रिपोर्ट शासन को भेजनी थी लेकिन कम समय मिलने के कारण जांच में देरी हो रही है।