मथुरा। यमुना जल प्रदूषण मुक्ति मंच ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा पर एक बार फिर यमुना भक्तों को छला जाने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया है। यमुना प्रदूषण मुक्ति मंच के प्रमुख संजय हरियाणा ने कहा है कि ऊर्जा मंत्री ने यमुना में गिरने वाले सभी नालों को 31 अक्तूूबर 2021 तक टेप करने की घोषणा की थी। वह घोषणा मात्र ब्रजवासियों और यमुना भक्तों को छलने और मात्र झूठ का पुलिंदा साबित हुई है।
यमुना भक्त संजय ने चेतावनी देते हुए कहा की विधायक बताएं कि कितनी बार जनता के समक्ष झूठ बोलेंगे और यमुना के कार्य को पूर्ण कराने की जिम्मेदारी से बचेंगे। सक्षम अधिकारियों ने तय समय में कार्य पूर्ण न करने पर अभी तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को निलंबित न किया जाना दर्शाता है कि वह इस कार्य में कितनी रुचि ले रहे हैं। ऊर्जा मंत्री के कार्यकाल के 5 साल पूरे होने वाले हैं। संभवत: वह किसी तरह झूठे वादे कर इस समय को निकालना चाहते हैं।
उन्होेंने चेतावनी देते हुए कहा है कि यमुना जल प्रदूषण मुक्ति मंच और यमुना रक्षक दल मिलकर इस यमुना प्रदूषण मुक्ति आंदोलन की गति को तेज करेंगे। निकट भविष्य में बहुत जल्द 10 हजार यमुना भक्तों के साथ डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। अगर यमुना जल को प्रदूषित किए जाने वाले नालों को डायवर्ट कर समस्त नालों को बंद नहीं किया जाता है तो अंतिम संघर्ष के रूप में एक लाख से ज्यादा जमुना भक्त ब्रजवासी गोकुल से लेकर दिल्ली तक यमुना तट के किनारे बैठकर आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से सरकार और विधायक की होगी।