मथुरा। भिक्षुक किशोरी के साथ दुष्कर्म करने वाले दोषी को अदालत ने पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है, जबकि दुष्कर्म में सहयोग करने वाले रिश्ते के नानी-नाना अभी भी फरार हैं।
वृंदावन कोतवाली क्षेत्र में 13 वर्षीय एक किशोरी मां के साथ रहकर मंदिरों के आसपास भीख मांगती थी। उसके नजदीक ही रहने वाले विकास बाबा और उसकी पत्नी से वह नाना-नानी कहती थी। 4 अगस्त को किशोरी की मां कहीं गई थी, वह अपनी बेटी को विकास बाबा व उसकी पत्नी के पास छोड़ गई। इसी दौरान भोला निवासी जमुनापार पानीघाट वृंदावन आकर किशोरी को ले गया और दुष्कर्म किया। जब उसकी मां 8 अगस्त 2013 को घर वापस लौटी तो किशोरी ने पूरी जानकारी दी। वृंदावन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भोला को गिरफ्तार कर लिया लेकिन विकास बाबा और उसकी पत्नी पुलिस के हाथ नहीं लग सके।
केस की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो द्वितीय जहेंद्र पाल सिंह ने की। सुनवाई के बाद अदालत ने भोला को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी है एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि कथित नाना-नानी विकास और उसकी पत्नी अभी तक फरार हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ चार्जशीट दी है। अदालत ने आदेश दिया है कि अभियुक्त 20 हजार रुपये का अर्थदंड का भुगतान करेगा। यदि अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है तो छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने विधिक प्राधिकरण को पीड़िता को एक लाख रुपये दिए जाने का आदेश दिया है।