मथुरा। मेरौ तौ गिरधर गोपाल दूसरा न कोई... यही भाव मन में लिए ओडिशा की दो दृष्टिहीन दिव्यांग युवतियां मन में कृष्ण के मिलन की आस लिए निकलीं।
कृष्ण से मिलने के लिए मथुरा आने से पहले उनको अलीगढ़ जीआरपी ने पकड़ लिया। उनकी मांग पर दोनों को मथुरा लाया गया, जहां से परिजन को जानकारी देकर उनके सुपुर्द कर दिया गया।
मीरा के मन का भाव आज भी वही है जो भक्तिकालीन युग में था। दोनों के आंखें नहीं परंतु मन की आंखों से उनकी डोर कृष्ण से बंध गई और दोनों ने कृष्ण को प्रेम की डोर बांध कर प्रेम विवाह कर लिया।
अब ओडिशा की रहने वाली दो युवतियां सौम्या बहेरा निवासी भुवनेश्वर व बीनोदीनी सामंत निवासी कटक अपने इस कृष्ण प्रियतम से मिलने के लिए ब्लाइंड स्कूल से भागीं। परिजनों ने ओडिशा के संबंधित थानों में गुमशुदगी तक दर्ज करा दी। मथुरा आने से पहले उनको अलीगढ़ जीआरपी ने पकड़ लिया था।
दोनों ने अलीगढ़ जीआरपी को मथुरा चलने के लिए कहा। जहां पर देर रात को उनके परिजन मथुरा जीआरपी आ गए। जीआरपी निरीक्षक संजय खरवार ने बताया कि दोनों कृष्ण भक्ति में लीन होकर ब्लाइंड स्कूल से भागीं थीं। दोनों को उनके परिजन के सुपुर्द कर दिया गया।