मथुरा। जनपद की करीब ३०० से अधिक बैंकोें और शाखाओं में दो दिन की हड़ताल से करीब ४०० करोड़ का लेनदेन अटक गया। बैंकों पर ताले लटके रहे। कई स्थानों से बैंकों के ग्राहक बैंकों से वापस भी हुए। उधर, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की मथुरा इकाई ने सौंख अड्डा पर प्रदर्शन किया और सरकार से निजीकरण की नीति वापस लेने की मांग की।
बैंककर्मियों सरकार की निजीकरण की नीति के खिलाफ लगातार विरोध प्रकट किया जा रहा है। विगत दिनों यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की सरकार के साथ बातचीत विफल होने पर १६ और १७ दिसंबर को हड़ताल का एलान कर दिया।
दो दिन की हड़ताल के चलते जनपद में बैंकों में एक अनुमान के मुताबिक करीब ४०० करोड़ का लेनदेन अटक गया। उधर, बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2021 के विरुद्ध यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने इंडियन बैंक-ई इलाहाबाद मथुरा शाखा सुबह 10 बजे प्रदर्शन किया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव एके जैन ने बताया निजीकरण की नीति जब तक सरकार वापिस नहीं करती तब तक यूनियन पुरजोर विरोध करेगी।