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मथुरा: 200 वर्गगज का प्लॉट बना पिता-बेटे की मौत का कारण

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मथुरा। २०० वर्गगज के प्लॉट में बना मकान पिता और बेटे की मौत का कारण बना। इन दोनों की मौत का जिम्मेदार बड़ा बेटा बिन्नी ही रहा।
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१०० वर्गगज का प्लॉट बड़े बेटे ने बेच दिया। इसका विरोध करने पर आए दिन बिन्नी घर में झगड़ा करता रहता था। अपने छोटे भाई नहना को भी नहीं छोड़ता था। इससे परेशान होकर छोटे भाई ने करीब चार साल पहले आत्महत्या कर ली थी। उसका शव घर में पंखे से लटका मिला था। एक बार फिर बाकी १०० वर्गगज के प्लॉट में बने मकान को बेचने से मना करने पर बिन्नी ने पिता को मौत के घाट उतार दिया।
पेशे से राजमिस्त्री अमृतलाल की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। अमृतलाल के पांच बेटे और बेटियां हैं। सबसे बड़ी बेटी सरिता और अंजली का विवाह हो चुका है, जबकि तीसरे नंबर का आरोपी बिन्नी है। इसके बाद नहना था, जिसकी मौत हो चुकी है। सबसे छोटी बेटी अक्कू है। बिन्नी और अक्कू अविवाहित हैं। मृतक के साले तुलसीदास ने बताया कि करीब चार साल पहले १०० वर्गगज का प्लॉट बिन्नी ने बेच दिया था।
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उसके बाद फिर यह बाकी बचे प्लॉट पर बने मकान को भी बेचना चाहता था। इसका विरोध करने पर बिन्नी ने पिता की हत्या की है। इंस्पेक्टर क्राइम सुरेश चंद ने बताया कि आरोपी बिन्नी पेशे से मजदूरी करता था। नशे का आदी होने के कारण आए दिन घर में झगड़ा करता था। इसी के चलते पिता की हत्या करके शव को रजाई में लपेटकर आग लगा दी। शव को चारपाई से बरामद किया गया है।
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राजस्थान के रहने वाले अमृतलाल की नरहौली में थी ननिहाल
राजस्थान के बदनगढ़ के मूल निवासी अमृतलाल कई साल पहले ननिहाल नरहौली, थाना हाईवे में आ गया था। यहां पर राजमिस्त्री का कार्य करके परिवार को पाल रहा था। पांच बच्चों में एक की मौत चार साल पहले हो गई। कुछ दिन से अमृतलाल बीमार रहने लगे थे।
इसके कारण घर ही उनका आसरा बन गया था। लगातार बेटा अपने पिता पर मकान बेचने का दबाव बना रहा था, जबकि उनकी छोटी बेटी का विवाह होना बाकी रह गया।
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