मथुरा। सास के साथ लौट रही दिव्यांग विवाहिता के साथ चार वर्ष पूर्व दुष्कर्म का प्रयास करने वाले पड़ोसी युवक को पॉक्सो प्रथम अदालत ने दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर ५० हजार कर अर्थदंड भी दिया है। अभियुक्त घटना के बाद से ही जेल में बंद है।
१५ सितंबर २०१६ को थाना हाईवे की एक कॉलोनी निवासी विवाहिता सास के साथ दवा लेकर लौट रही थी। रास्ते में पड़ोसी युवक ललित कुमार मिल गया और उसे घर छोड़ने के बहाने मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। युवक बजाय घर ले जाने के, नेत्रों से दिव्यांग महिला को सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। विवाहिता के शोर मचाए जाने पर अभियुक्त वहां से भाग खड़ा हुआ। इस संबंध में विवाहिता के जेठ ने थाना हाईवे में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर अभियुक्त को जेल भेज दिया और बाद मेें चार्जशीट लगाई। केस की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विपिन कुमार की अदालत ने अभियुक्त ललित कुमार को १० वर्ष के कठोर कारावास तथा ५० हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। एडीजीसी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि अर्थदंड जमा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।