सोशल ट्रेडिंग के जरिए रातोंरात मोटी रकम कमाने का ख्वाब दिखाने वाली एबलेज इन्फो सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम से फर्जी आईटी कंपनी के टेक्निकल हेड महेश दयाल ने अपने गांव वालों को भी नहीं बख्शा।
तमाम लोगों को अपने नेटवर्क से जोड़ लिया था। अब जब एसटीएफ ने नोएडा में खुलासा किया कि तो हर कोई हैरान है। महेश ऐसा भी कर सकता है सभी अचंभित हैं। बताया जाता है कि महेश दयाल ने बरसाना के साथ पूरे जिले में सैकड़ों लोगों को जोड़ लिया था। चेन बनती चली गई और हजारों लोग जुड़ गए।
नोएडा में जिस कंपनी ने 3,700 करोड़ की ठगी की है उसका टेक्निकल हेड महेश दयाल बरसाना के गांव कमई का रहने वाला है। शुक्रवार को जब गांव के लोगों को जानकारी हुई कि इतनी बड़ी ठगी में उनके गांव का युवक शामिल है तो सभी हैरान रह गए। साथ ही वो लोग बेचैन हो गए हैं जिन्होंने उसके कहे में आकर इस कंपनी में पैसा लगा दिया था।
गांव वालों ने बताया कि महेश ने बाकायदा लोगों को बताया था कि किस तरह से वो घर बैठे पैसा कमा सकते हैं। कई लोग तो इसी लालच में बाकायदा कंप्यूटर खरीदकर ले आए थे। पहले खुद जुड़े और फिर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों तक को जोड़ लिया। ये चेन बढ़कर पूरे मथुरा में ही नहीं बल्कि ब्रज क्षेत्र में फैल गई थी। उसने बाकायदा मोबाइल पर मैसेज भेजकर पूरी जानकारी भी दी। गांव वालों ने बताया कि वो गांव से फरीदाबाद की एक कंपनी में नौकरी करने के लिए गया था। वहीं से वो इस ठगी के कारोबार से जुड़ गया होगा।
वो ऐसा करेगा कोई सोच भी नहीं सकता
गांव के जगदीश और गणेश ने बताया कि महेश हंसमुख मिजाज का है। सभी से बड़े अच्छे से मिलता था। जब भी गांव आता था तब सबसे मिलता था। लेकिन वो ठगी का कारोबार कर रहा है इसकी जानकारी किसी को नहीं थी।
मेरे बेटे को फंसाया गया है
महेश की मां केलादेवी ने जब से ये खबर सुनी वो बेचैन हैं। जो भी मिल रहा है उसी से कह रही हैं कि उनका बेटा निर्दोष है। उसे बड़े लोगों ने फंसा दिया है। बताया जाता है कि हर पंद्रह दिन में महेश अपने गांव आता था। 22 जनवरी को महेश के बड़े भाई की शादी थी जिसमें वो शामिल हुए था।
अचानक पैसे वाला हो गया था महेश
महेश अचानक पैसे वाला हो गया था। उसका रहन-सहन भी बदल गया था। उसे करीब से जानने वाले लोग कभी-कभी पूछते तो कहता कि उसकी तनख्वाह बढ़ रही है। उसने कई शहरों में संपत्ति भी खरीद ली थी। मथुरा के साथ दिल्ली और फरीदाबाद में भी मकान खरीदे।