धर्मनगरी में शुक्रवार को मकर संक्रांति पर्व श्रद्धाभाव से मनाया गया। कहीं हवन यज्ञ का आयोजन हुआ तो कहीं असहायों को खाद्य सामग्री बांटी गई। ठंड और घने कोहरे में श्रद्धालुओं ने यमुना स्नान और वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
नगर के प्रमुख ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर, ठाकुर राधाबल्लभ मंदिर, सेवाकुंज, राधादामोदर मंदिर, राधाश्याम मंदिर, गोकुलानंद, राधारमण मंदिर, राधासनेह बिहारी मंदिर, कुंजबिहारी मंदिर आदि में सुबह से दर्शनों के लिए भक्त पहुंचे। लोगों ने अपने आराध्य के दर्शन कर विश्व शांति और समाज की खुशहाली की कामना की। बीते वर्षों की अपेक्षा इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कम दिखी। शाम को विभिन्न मंदिरों में प्रभु के भव्य दर्शन हुए।
वृंदावन बाल विकास मंच ने तराश मंदिर स्थित बाल एवं महिला आश्रय सदन में बच्चों और महिलाओं को वस्त्र व मिष्ठान बांटे।
अध्यक्ष अनूप शर्मा ने कहा कि मंच का उद्देश्य प्रत्येक बालक को शिक्षित और संस्कारवान बनाना है। सचिव देवेंद्र शर्मा ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मंच सदैव प्रयासरत रहता है। इस अवसर पर मदनगोपाल बनर्जी, बालकृष्ण गौतम, जगदीश नीलम, संजय शर्मा, अजय अग्रवाल, डा. गिरधारी अग्रवाल, बिहारी लाल वशिष्ठ, ब्रजमोहन गिरि आदि उपस्थित थे।
कैलाश नगर स्थित सत्यादेवी गर्ग सरस्वती शिशु मंदिर में भी मकर संक्रंाति का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र नाथ दुबे ने मकर संक्रांति के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर चंद्रप्रकाश द्विवेदी, प्रेमशंकर वैद्य, निबौरीलाल, हरिओम, राजकिशोर, संजय आदि उपस्थित थे।