मथुरा। बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के कार्यकर्ता महाविहार मुक्ति आंदोलन के तहत 8 मार्च को आंदोलन करेंगे। सोमवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने महाबोधी टेंपल एक्ट 1949 पर सवाल उठाए हैं। कार्यकर्ताओं ने इस एक्ट को रद्द कर नया कानून बनाने की मांग की है।
संगठन के जिलाध्यक्ष मैराज अली ने बताया है कि बोधगया में महाविहार परिसर में शिवलिंग की स्थापना और दीवारों पर पांडवों का उल्लेख विवाद का विषय बना हुआ है। 1895 के अनागरिक धम्मपाल बनाम महंत केस के निर्णय में यह स्पष्ट किया गया था कि महाबोधि महाविहार बौद्धों की विश्व धरोहर है।
फाह्यान और व्हेनसांग के यात्रा वृतांत और महाविहार की उत्खनन रिपोर्ट भी इसकी पुष्टि करती है। कार्यकर्ताओं ने महाबोधी टेंपल एक्ट 1949 पर सवाल उठाए हुए नया कानून बनाने की मांग की है। अपनी मांगों को लेकर 8 मार्च को सभी कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर एक जुट होंगे।