Mathura: यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के विरोध में महापंचायत
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तीर्थनगरी मथुरा के मांट थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने न्यायालय के आदेश पर पानीगांव के आसपास बने हुए बिना अनुमति के बनाएंगे निर्माणों पर तोड़फोड़ की। इसके विरोध में पानीगांव में आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों की महापंचायत बुलाई गई। इसमें लोगों ने रोष व्यक्त किया। ढाबा व्यवसायी, प्रॉपर्टी डीलर व किसानों में आक्रोश व्याप्त है। जल्द ही प्राधिकरण के अधिकारियों के विरोध में धरना करने की घोषणा की।
पानीगांव से लेकर यमुना एक्सप्रेसवे वृंदावन कट तक शुक्रवार को प्राधिकरण ने बिना अनुमति के बनाए गए अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए ध्वस्त किया। इसको लेकर पानीगांव में स्थित एक ढाबे पर आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों की महापंचायत बुलाई गई। इसमें किसान, प्रॉपर्टी डीलर, ढाबा व्यवसायी आदि लोग शामिल हुए।
प्राधिकरण के विरोध में आक्रोश व्याप्त करते हुए प्राधिकरण के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के राष्ट्रीय प्रवक्ता हरेश ठेनुआ ने बताया के महापंचायत में पानीगांव, भूतिया, दीवानाकलां, दीवाना खुर्द, ढकू, सूरज, मावली, ढहरुआ के ग्रामीण व किसान शामिल हुए। प्राधिकरण की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
ढाबा संचालकों का आरोप है कि बिना नोटिस दिए उनके ढाबे पर कार्रवाई की गई है। सर्व सहमति से निर्णय लिया गया कि जल्द ही प्राधिकरण के विरोध में आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसको लेकर गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क किया जा रहा है। इस मौके पर देवेंद्र पहलवान, सुभाष पहलवान, लक्ष्मीनारायण, सुरेंद्र सिंह, भोला प्रधान, संजू प्रधान, पप्पू सिंह, योगेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।