मथुरा। पुष्टि मार्गीय संप्रदाय के मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में देवोत्थान एकादशी पर बीती रात तुलसी और शालिग्राम का विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया गया। गन्ना से भगवान का मंडप तैयार हुआ और मध्य रात भगवान शालिग्राम ने तुलसी के साथ फेरे लिए। इस दौरान मंदिर में ठाकुर जी के विवाह की सभी रस्म निभाई गईं। इसी के साथ द्वारिकाधीश मंदिर में सेवा के नियम परिवर्तित हो गए। ठाकुर जी को ठंड से बचाने के लिए अंगीठी रखी और रजाई ओढ़ाई।
चार माह तक विश्राम के बाद देवोत्थान एकादशी के दिन देवों के जागने पर मंदिर द्वारिकाधीश में तुलसी-शालिग्राम जी के विवाह की परंपरा है। यह उत्सव मंदिर प्रबंधन और सेवायत भक्तों की मौजूदगी में धूमधाम के साथ मनाते आ रहे हैं। इस बार दो दिवसीय एकादशी के चलते बीती रात यह आयोजन किया गया। विवाह की सभी रस्म निभाई गईं।
मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि ठाकुर जी के मंदिर में तुलसी शालिग्राम का विवाह रात 11:45 पर हुआ। इसके बाद मंदिर की सेवा चालू रही और मंगलवार को प्रात: काल 4:30 से 5:00 तक राजभोग के दर्शन और शाम से उत्थापन के दर्शन का समय 3:30 बजे रहा। ठाकुर जी के लिए अब अंगीठी रखी गई है, इससे ठंड के प्रभाव को कम किया जा सके।