वृंदावन। विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट द्वारा चैतन्य विहार मैदान में चल रहे धार्मिक आयोजन के चौथे दिन सोमवार शाम संत चिन्मयानंद बापू ने भगवान कृष्ण जन्म की कथा का प्रसंग सुनाया। इस दौरान नंदोत्सव की सुंदर झांकी और कानों में रस घोलते बधाई गीतों ने ऐसा समा बांधा कि हर ओर उल्लास छा गया। भक्त भाव विभोर होकर नाचने लगे। भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
संत चिन्मयानंद बापू ने कहा कि भक्तों के विशेष प्रेम के कारण भगवान अवतरित होते हैं। जिस प्रकार दूध में दही छिपा रहता है, सिर्फ उसको प्रकट करना होता है। उसी तरह भगवान पूरे संसार में व्याप्त हैं। भक्तों द्वारा प्रेम से उनको प्रकट किया जाता है। विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने भागवत भक्तों को बताया कि सावधान होकर जीवन जियो, एक पल का भरोसा नहीं। मृत्यु संसार का परम सत्य है। जन्मदिन पर पार्टी या मौज मत मनाओ। प्रभु की भक्ति करो। उन्होंने कहा कि संसार से आसक्ति हटाकर प्रभु के चरणों में प्रीति जोड़ो। संसार की वासनाओं और कामनाओं से मुक्ति का यही सरल उपाय है। इस दौरान जीवन है तेरे हवाले, मुरलिया वाले भजन पर सब झूम उठे। इससे पूर्व भागवताचार्य ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि ध्रुव ने मात्र छह वर्ष की आयु में भगवान को पा लिया।
यह कथा सिखाती है कि ईश्वर को पाने के लिए उम्र का नहीं, ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और अटूट भाव का महत्व है। उन्होंने समझाया कि ध्रुव की तरह ही जरूरी है कि हम भी अपने बच्चों को प्रभु से प्रेम करना सिखाएं। बच्चों को धन नहीं, धर्म प्रदान करें। वेद मंदिर अयोध्या के महंत रामनरेश दास, विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी और आगरा के समाजसेवी पार्षद मुरारी लाल गोयल, मुख्य यजमान जागृति द्विवेदी, सुधांशु द्विवेदी, श्रेतिमा द्विवेदी, मयंक वैद्य, अनुराग यादव, राजवीर सिंह, गीता शर्मा ने श्रीमद्भागवत का पूजन कर आरती उतारी। मीडिया समन्वयक कुमार ललित ने बताया कि कथा के पांचवें दिन मंगलवार शाम चार बजे से भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का रसपान कराया जाएगा। गोवर्धन लीला और छप्पन भोग की झांकी भी सजाई जाएगी।