मथुरा। एडीजे विशेष पॉक्सो एक्ट रामराज की अदालत ने सोमवार को दहेज हत्या के एक मामले में आरोपी पति और सास को दोषी पाते करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही पति पर 9 और सास पर 8 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी ससुर ने जेल में बंद रहने के दौरान आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने जलती चिता से महिला का शव निकाल पोस्टमार्टम कराया था। उसी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई, जो सजा के लिए मुख्य साक्ष्य साबित हुआ।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी भगत सिंह आर्य ने बताया कि राया के थाना नगला हरगोविंद के प्रवेंद्र उर्फ राजेश ने 25 अप्रैल 2021 को राया थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उन्होंने अपनी बेटी मोनिका की शादी 22 जून 2019 को ग्राम मडोरा निवासी नीरज फौजदार के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले मोनिका से दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने 25 अप्रैल 2021 को बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी।
मायका पक्ष को उसकी मौत की जानकारी भी ससुराल वालों ने नहीं दी और शव का दाह संस्कार करने लगे। मायका पक्ष को जब इसकी जानकारी हुई तो वह राया पुलिस के साथ मडोरा पहुंचे। पुलिस ने जलती चिता से मोनिका का शव निकाला। पोस्टमार्टम कराने पर राज खुला कि मोनिका की हत्या गला दबाकर की गई है। मोनिका के पिता राजेश ने बेटी के पति नीरज व सास रामवती सहित उसके ससुर हरी सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। ट्रायल के दौरान हरी सिंह ने जेल में आत्महत्या कर ली थी, जबकि नीरज और रामवती को उम्रकैद से दंडित किया गया है।