कीर्ति मंदिर लाली के जन्मोत्सव पर जगमगाता हुआ।
बरसाना। राधारानी के प्राकट्य उत्सव पर श्रीधाम बरसाना में श्रद्धालुओं का उत्साह आसमान छूता नजर आया। देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने श्रीजी महल पहुंचकर राधारानी के दर्शन किए। इस दौरान हर किसी की जुबां पर राधे-राधे का नाम रहा। लोगों ने गहवर वन की परिक्रमा लगाई और बरसाना की गलियों में भक्तिभाव के साथ भ्रमण कर राधारानी के जन्म का जश्न मनाया। उनके चेहरों का उल्लास और भक्तिभाव सभी को बरबस अपनी ओर खींचता नजर आया।
प्राकट्य उत्सव की मंगल बेला से पहले श्रीजी महल में रात दो बजे मंगल गायन के साथ मूल शांति पूजन हुआ। मूल नक्षत्र में राधारानी के प्राकट्य की मान्यता के अनुसार होने वाले इस विशेष अनुष्ठान के लिए ब्रज के पवित्र स्थलों से पूजन सामग्री जुटाई गई। मूल शांति पूजन में 27 कुओं का जल, 27 वृक्षों की पत्तियां, 27 पवित्र स्थानों की मिट्टी, 27 प्रकार की औषधियां और 27 फल शामिल किए गए। विधि-विधान से होने वाले पूजन के दौरान श्रीजी महल मंगल गायन के स्वरों से गूंजता रहा। प्राकट्य उत्सव से पहले होने वाला यह अनुष्ठान मंदिर की धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मूल शांति पूजन के बाद श्रीजी के अभिषेक और दर्शन का क्रम शुरू हुआ। राधाष्टमी के चलते इस बार अभिषेक और दर्शन का क्रम आधा घंटा पहले सुबह साढ़े तीन बजे से शुरू हुआ। सुबह 3:30 से 5 बजे तक जलाभिषेक एवं दर्शन, 5:30 से 6:30 बजे तक मंगला आरती एवं दर्शन हुए। सुबह 7:45 बजे से राधारानी के दर्शन खुले तो भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर दो बजे तक होने वाले दर्शन करने के लिए मानो श्रद्धालुओं में होड़ मची रही।
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दोपहर 3.30 बजे से सफेद छतरी में दर्शन
शनिवार को दोपहर 3:30 से 7:20 बजे तक राधा रानी सफेद छतरी में और शाम 7:30 से रात 10 बजे तक मंदिर में दर्शन देंगी। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि श्रद्धालुओं की भीड़ के अनुसार समय-सारणी में बदलाव किया जा सकता है। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि पूर्व में हुई वार्ता के क्रम में राधाष्टमी के लिए तय समय-सारणी की जानकारी संपूर्ण पुलिस बल और जनसामान्य को ब्रीफ कर दी गई है। इसमें किसी प्रकार की अड़चन होने पर लिखित रूप से अवगत कराने के लिए कहा गया है।