तहसील में पहली बार महिला लेखपालों के हाथों में जरीब होगी और वह भूमि की पैमाइश से लेकर राजस्व संबंधी सभी कार्य करती हुई नजर आएगी। तहसील को मिले तीस लेखपालों में तीन प्रभुना अरोड़ा, दीपा वशिष्ठ और गरिमा उपाध्याय को तैनाती दी गई हैं।
लेखपालों की तैनाती के बाद तहसील में लेखपालों की कमी पूरी दूर गई। अभी तक एक-एक लेखपाल पर कई-कई गांवों का कार्य था। ग्रामीण लेखपालों की तलाश में गांव दर गांव भटकते रहते थे। लेखपालों की नई तैनाती में पहली बार तहसील में महिला लेखपाल की नियुक्ति हो रही है।
भूमि संबंधी सभी रिकार्ड लेखपाल को ही रखना होता है। विवाद होने की स्थिति सही स्थिति क्या यह भी वही बताता है। अभी तक तहसील और जिले में लगभग सभी लेखपाल पुरुष ही हैं। यह कार्य केवल पुरुष ही कर सकते हैं, इस भ्रांति को इस बार महिला वर्ग की अभ्यर्थियों ने दूर किया।
बड़ी संख्या में परीक्षा में शामिल हुई और कुछ ने परीक्षा भी पास की। तेज धूप में जरीब हाथ में थामे खेतों की पैमाइश करती महिला लेखपाल नजर आएगी। तहसीलदार आर आर यादव ने बताया कि मांट भेजे गए लेखपालों ने अभी योगदान आख्या नहीं दी है। लेकिन उनकी तैनाती यहां हो गई है।