मथुरा। सरकारी नौकरी की उम्मीद कम हुई तो बीएड की पढ़ाई से युवाओं का मोहभंग होता साफ नजर आ रहा है। बीएड में दाखिले के लिए इस साल महज 2000 आवेदन आए हैं। ये कुल सीटों की संख्या से 4500 कम हैं। जिले में 59 कॉलेजों में 6500 सीटों पर बीएड के लिए प्रवेश होगा। इस बार 70 फीसदी सीटें खाली रहेंगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बीएड की प्रवेश परीक्षा का परिणाम दो दिन पहले जारी हो गया है। इस बार बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से प्रवेश परीक्षा आयोजित कराई गई थी। उन्होंने बताया कि जिले में 59 कॉलेजों में बीएड में प्रवेश लेने का अवसर है लेकिन इस बार कुल सीटों के सापेक्ष विद्यार्थियों की ओर से आवेदन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि अब काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। इस बार आवेदन कम होने के चलते विद्यार्थियों ने रुचि कम दिखाई है। इससे जिले के कॉलेज प्रबंधन काफी निराश हैं।
ज्यादातर काॅलेजों ने आवेदन के अनुसार प्रवेश की स्थिति कम होने की उम्मीद जताई है। बीएड कर रहे मुकेश ने बताया कि शासन की ओर से शिक्षक भर्ती समय से नहीं होने से बीएड कर चुके छात्रों को नौकरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। अनूप ठाकुर ने बताया कि उन्होंने बीएड में प्रवेश के लिए आवेदन किया था, परीक्षा देने के बाद परिणाम दो दिन पहले जारी हुआ है। पहले बीएड करने का प्लान था, लेकिन बीतों दिन शिक्षकों का भर्ती के नोटिफिकेशन के लिए धरना प्रयागराज चला था। इसलिए अब बीएड नहीं करेंगे।
बीएड चार साल पहले कर चुका हूं। शिक्षक भर्ती नहीं आने से अब शिक्षक बनने की उम्मीद कम होती जा रही है। प्रयागराज में धरना भी कुछ दिन पहले शुरू हुआ था। - हनी अग्रवाल, मथुरा
इस बार बीएड के लिए प्रवेश परीक्षा दी थी। जिसका परिणाम आ गया है। जिले के सीटों खाली होने से प्रवेश आसानी से मिल जाएगा। सरकार शिक्षक भर्ती भी समय-समय पर निकालें। - बृजेश कुमार, मथुरा
बीएड की संयुक्त परीक्षा का परिणाम जारी हो गया है। जिले में 59 कॉलेजों में बीएड की 6500 सीटें हैं। इस बार जिले में 2000 आवेदन परीक्षा के लिए हुए थे। छात्रों को आसानी से प्रवेश मिल जाएगा। - डॉ. ललित मोहन शर्मा, प्राचार्य बीएसए कॉलेज